Followers

Friday, 27 March 2020

Episode 1



दिनांक 16 जनवरी 2051 , श्री लंका



दिनांक 16 जनवरी 2051 , श्री लंका के एक गांव मे पुरातत्व शास्त्रीयों कि एक टिम ने डॉ. सम्युग के नेतृत्व में आर्य साम्राज्य का खजाना खोज निकाला । इस खजाने को ढुंढ्ने के लिये ये काफी लम्बे समय से प्रयास कर रहे थे । आखिर एक लम्बे समय कि मेहनत के बाद उन्हें सफलता मिल जाती है । इस खजाने की किमत करीब 10 लाख अमेरिकी डॉलर अनुमानित की जाति है । इस खजाने कि वजह से श्री लंका कि अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बदल जायेगी । पुरे देश मे बहुत ही खुशी का माहोल था । उस खजाने के साथ उन्हे एक बक्सा मिलता है जिसमें एक किताब ओर एक बहुत ही ज्यादा तकनिकी रुप से उन्नत एक मेमोरी कार्ड जैसी दिखने वाली वस्तु मिलती है । इस किताब में संस्कृत में कुछ  लिखा हुआ है , जो इस समय पढ़ने कि स्थिति में नहीं है । यह कोइ सामान्य घटना नहीं है । इतने पुराने खजाने मे इस तरह कि वस्तु का मिलना बहुत बडी़ घटना है । डॉ सम्युग को कुछ  समझ मे नहीं आ रहा था । आखिर यह केसे सम्भव हो सकता है । डॉ सम्युग उसे मिडीया वालो से चुपा कर रखा । उन्होंने चुपके से उसे अपनी गाड़ी मे रख दिया था । डॉ सम्युग प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वो उस बक्से को लेकर अपने घर चले जाते है । देर रात तक उन्हें नींद नहीं आयीं । सोचने समझने की शक्ति जैसे खतम हो रही थी । सुबह जल्दि उठकर अपने ओफिस चले गये । वे अपने डायरेकटर मार्क से जाकर मिले और उन्हें उस बॉक्स के बारे में बताया ।    

मार्क – क्या कह रहे हो सम्युग , ये कैसे हो सकता है ?

सम्युग – मै जानता हु सर कि इस बात पर यकीन करना बहुत मुश्किल है । पूरी रात मैं सो नहीं पाया हूँ । आप खुद देखिये सर ।






मार्क यह कोइ आम घटना नहीं है ।

सम्युग – हां सर | हमें अपनी खोज को और आगे बढाना चाहियें ।

मार्क – परंतु हम इतने तकनिकी रुप से विकसित नहीं है कि इस तरह की खोज को अंजाम तक पहुँचा सके । यह भी तो हो सकता है कि काफी समय पहले किसी ओर के खजाने को पाने की कोशिश मे यह मशीन उसमे गिर गयी हो ।

सम्युग – हो सकता है सर पर अगर ऐसा है तो वो लोग खजाने तक पहुच चुके थे , तो वो उसे छोड़ कैसे सकते है । नहीं सर , मुझे लगता है इसके पीछे कोइ बहुत गहरा राज छुपा हुआ है । हमें कार्बन डेटिंग की मदद से इसका समय पता करना होगा ।

मार्क – ठीक है तो फिर आगे बढो ।

सम्युग – परंतु इसमें भी एक समस्या है सर ।

मार्क – क्या ?

सम्युग – सर , किताब की कार्बन डेटिंग हम आसानी से कर सकते है परंतु मशीन खराब भी हो सकती है । इस काम के लिये हमें बहुत ही ज्यादा उन्नत तकनिक की आवश्यकता होगी । भारत के वैज्ञानिको ने हाल ही में आण्विक कार्बन डेटिंग की तकनिक विकसित की है । तो मुझे इसे लेकर भारत जाना होगा ।

मार्क – ठीक है । इस खोज को अब तुम्हें भारत के वैज्ञानिकों की मदद से पुरा करना । तुम कल ही उस किताब और मशीन को लेकर दिल्ली चले जाना । मैं आज ही डॉ विक्रम से बात करुंगा ।  

सम्युग – ठीक है सर ।

अ‍गले दिन कोलम्बो से भारत के लिये डॉ सम्युग निकल जाते है ।



दिनांक 18 जनवरी 2051 , नई दिल्ली , भारत ।



डॉ विक्रम – आओ सम्युग भारत मे तुम्हारा स्वागत है ।

सम्युग – बहुत धन्यवाद आपका ।

विक्रम – इनसे मिलो ये है डॉ ध्रुवी , आण्विक कार्बन डेटिंग एक्सपर्ट ।

सम्युग अपने बैग से मशीन निकाल कर डॉ विक्रम और डॉ ध्रुवी को दिखाता है ।



विक्रम – अगर यह बहुत ज्यादा पुराना है तो इससे बहुत सारे राज पता चल सकते है ।

ध्रुवी – सही कहा सर । सम्युग हमे अब शुरु करना चाहिये ।

सम्युग – ठीक है ।

सम्युग और ध्रुवी लेब मे जाते है और कार्बन डेटिंग की प्रक्रिया शुरू करते है ।



उस किताब और मशीन की कार्बन डेटिंग करने पर पता चलता है कि यह किताब करीब 1 लाख से 5 लाख वर्ष पुरानी है । किताब के पन्नो को साफ करते है ।    

इस किताब की एक स्केन की हुई प्रति वाराणसी के ज्योतिश के पास भेज दी जाती है , ताकि वे इसका हिन्दी रूपांतरण कर सके ।

1 सप्ताह बाद

ध्रुवी सम्युग को फोन करके उसे ओफिस बुलाती है । सम्युग जल्दी से ओफिस आ जाता है ।

सम्युग – translated copy आ गयी क्या ?

ध्रुवी – हां ।

दोनों file open करके पढने लगते ।

उस किताब मे लिखी बातें कुछ इस प्रकार है ।



उस किताब में क्या लिखा हुआ है , मानव के विकास क्रम मे इस किताब का क्या महत्व है । मैं जानता हूँ , आप इन घटनाओ को लिंक नहीं कर पायेंगे । जानने के लिये follow जरुर करे । 1 st episode आपको कैसा लगा comment कर के जरूर बताये । यकीन मानिये दोस्तों यह journey बहुत ही ज्यादा मजेदार होने वाली है ।
















9 comments:

Episode 2 (Hindi)

Watch Trailer Video डॉ ध्रुवी और सम्युग translated कॉपी पढ़ने लगते है । उसमें लिखी बातें कुछ इस प्रकार है । बात उस समय की ...